Monday, May 10, 2010

सेब

मैं हूँ सेब लाल -लाल  |  
मैं हूँ सेब लाल - लाल  |
कोई मुझे कश्मीरी कहता
कोई शिमला वाला कहता
 जो भी मुझको खाता है          
हरदम रहता वह खुशहाल  | 
मैं हूँ सेब लाल - लाल  |
ऊर्जा का भंडार है मुझमें 
लोहा अपरम्पार है मुझमें 
शक्ति देता हूँ मैं सबको 
कर देता हूँ मालामाल  | 
मैं हूँ सेब लाल - लाल  |

2 comments:

  1. बहुत अच्छा और सुन्दर लिखा है आपने !

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  2. बहुत ही अच्‍छी कविता लिखी है
    आपने काबिलेतारीफ बेहतरीन


    SANJAY KUMAR
    HARYANA
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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